मुझे कंपनी में काम करते हुए 3 साल हो चुके हैं और मैं अपने बड़े बॉस के पास रहते हुए उनके काम में हाथ बटाती हूँ।इन 3 सालों में हम लोग बिल्कुल एक नॉर्मल तरीके से ही काम करते थे।कई बार कंपनी के काम के कारण बड़े बॉस मुझे भी अपने साथ बाहर लेकर जाते थे और वहाँ भी बस हमारा केवल काम पर ध्यान रहता था।
बल्कि जो हमारे छोटे बॉस हैं उनके बारे में मैंने सुना था कि उनका अपनी कई सेक्रेटरी के साथ सेक्स सम्बन्ध था।लेकिन अपने बड़े बॉस के बारे में मैंने कभी भी गलत नहीं सुना था।
बस इतना पता था कि वे ड्रिंक बहुत करते हैं और बिना ड्रिंक किये सोते नहीं हैं।बड़े बॉस कड़क मिजाज के हैं। मैं उनसे उतना ही बात करती हूँ जितना काम होता है क्योंकि उनको गुस्सा बहुत जल्दी आ जाता है।लेकिन साल भर पहले हम दोनों के बीच ऐसी घटना हुई जिसके बाद हम दोनों करीब आ गए और आज साल भर से हम दोनों हफ्ते में लगभग 4 दिन चुदाई करते हैं और हम दोनों चुदाई का भरपूर आनंद ले रहे हैं।चलिए जानते हैं कि हम दोनों अचानक से इतने करीब कैसे आ गए और उन्होंने पहली बार मुझे किस तरह से चोदा।पिछले साल कंपनी के काम से मुझे और बॉस को नागपुर जाना था।
मुझे बॉस ने एक दिन पहले ही बताया था क्योंकि काम जरूरी था और उन्हें भी देरी से ही पता चला था।तो मुझे एक दिन में ही अपनी पूरी तैयारी करनी पड़ी।
यह मेरे लिए नई बात नहीं थी क्योंकि मैं पहले भी उनके साथ बाहर जा चुकी थी।
उनके साथ जाने में कोई दिक्कत नहीं रहती थी। प्लेन से आना-जाना होता है और बढ़िया होटल में रुकने के लिए मिलता है।मैंने अपनी सभी तैयारी कर ली थी और अपनी जरूरत के कपड़े और अन्य सामान रख लिया था। हमें नागपुर में 4 दिन रुकना था।हम लोग यहाँ से प्लेन से निकले और कुछ ही घण्टे में नागपुर पहुँचने वाले थे। प्लेन में ही बॉस ने मुझे बताया कि अभी होटल बुक नहीं हो पाया है क्योंकि ऑनलाइन में जगह खाली नहीं बता रहा था।इसलिए हम लोगों को सबसे पहले नागपुर पहुँचकर होटल में रूम का प्रबंध करना था।जल्द ही हम लोग नागपुर पहुँच गए और एयरपोर्ट से टैक्सी लेकर रूम की तलाश करने लगे।टैक्सी में हमें पता चला कि उस समय नागपुर में क्रिकेट मैच होने के कारण और किसी का बड़ा अधिवेशन होने के कारण होटलों में रूम की बड़ी दिक्कत हो रही है और बड़ी मुश्किल से रूम मिल रहा है।वो टैक्सी वाला हमें कई होटलों में ले गया लेकिन कहीं भी रूम नहीं मिल रहा था।फिर उसने कई जगह फोन किया और बोला— एक जगह होटल में रूम मिल रहा है!
और वह हमें उस होटल में ले गया।होटल बाहर से काफी अच्छा था।जब हम रिसेप्शन में गए तो पता चला कि वहाँ केवल एक ही रूम खाली है।और ज्यादा न भटकने के कारण बॉस ने वो रूम बुक कर लिया क्योंकि अगले दिन और रूम मिल सकता था।हम दोनों रूम में गए।
वो डबलबेड का शानदार रूम था।दोपहर का समय था और बॉस अपने बैग से कपड़े निकालकर बाथरूम चले गए। बारी-बारी से हम दोनों नहा लिए और फिर बॉस ने खाना ऑर्डर किया।कुछ ही देर में खाना आ गया और बॉस खाने से पहले हमेशा की तरह अपनी वाइन निकालकर पीने लगे।मुझे पता था कि बॉस खाने से पहले वाइन पीते हैं तो मुझे कोई दिक्कत नहीं थी।वाइन पीने के बाद बॉस और मैं खाना खाने लगे।
मैं बिना कुछ बोले चुपचाप खाना खा रही थी और बॉस मेरे सामने बैठकर खाना खा रहे थे।
कुछ देर बाद मैंने गौर किया कि बॉस बार-बार मेरे सीने की तरफ देख रहे हैं।मैं उस वक्त एक सिल्क गाउन पहनी हुई थी और गाउन के सामने के बदन खुले हुए थे जिससे मेरे दोनों दूध और दूध के बीच की लाइन दिख रही थी।मुझे अच्छा नहीं लगा और मैं किसी तरह से गाउन को ठीक करती और खाना खाने लगती।
लेकिन बार-बार मेरे दूध सामने आ जाते थे।मैं बॉस के सामने बिना किसी झिझक के बर्ताव कर रही थी लेकिन बॉस की नजर बार-बार मेरे सीने पर ही जा रही थी।किसी तरह से मैंने अपना खाना खत्म किया और फिर पलंग पर बैठकर अपना मोबाइल देखने लगी।बॉस भी लड़खड़ाते हुए कदमों से आकर बिस्तर पर आए और एक तरफ लेट गए। किसी तरह हम दोनों को उसी बिस्तर पर सोना था।मैं भी कुछ समय बाद बिस्तर का एक कोना पकड़कर लेट गई। जल्द ही बॉस की नींद लग गई और मैं भी चादर ओढ़कर सो गई।रात में करीब दो बजे मेरी आँख खुल गई और मुझे अपने पैरों पर कुछ हलचल सी महसूस हुई।
मैं लेटी रही।मैंने महसूस किया कि बॉस बिल्कुल मेरी पीठ से सटे हुए थे।
मेरा गाउन मेरे घुटनों तक उठा हुआ था और बॉस का पैर मेरे पैरों से लिपटा हुआ था। और बॉस का एक हाथ मेरी कमर पर था।कुछ देर मैं सोचती रही कि बॉस नींद में हैं। लेकिन कुछ समय में ही मुझे पता चल गया कि वे नींद में नहीं हैं क्योंकि उनके पैर मेरे पैरों को सहलाने लगे थे और उनका हाथ मेरी कमर से होता हुआ मेरे सीने तक आ गया।मैं कुछ समझ ही नहीं रही थी कि क्या करूँ और क्या न करूँ। तो मैं बस आँखें बंद किये हुए नींद का नाटक कर रही थी।
लेकिन बॉस को बिल्कुल भी नींद नहीं थी और वे पूरे होश में ये सब कर रहे थे।उनको लग रहा था कि मैं गहरी नींद में हूँ।
लेकिन उन्हें पता नहीं था कि मैं जाग चुकी थी।कुछ ही पल में बॉस का हाथ मेरे वक्ष पर आ गया था और वो मेरे एक स्तन को अपनी हथेली में लेकर सहलाने लगे थे।मुझे बेहद ही अजीब लग रहा था।
मैंने सोचा कि उठकर उन्हें मना करूँ… लेकिन पता नहीं क्यों, मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी।मैं चुपचाप वैसे ही आँख बंद किये लेटी रही।बॉस को जैसे पूरा यकीन हो गया था कि मैं गहरी नींद में हूँ इसलिए उनकी हिम्मत बढ़ती जा रही थी और उन्होंने मेरे दूध को हल्के हाथों से मसलना शुरू कर दिया।जल्द ही उन्होंने मेरे गाउन के बटन भी खोल लिए और मेरे गाउन में हाथ डाल दिया।उन्होंने मेरी ब्रा को उंगलियों से उठाया और अपना हाथ अंदर डालकर मेरे एक उरोज को जकड़ लिया। बॉस अपनी उंगलियों से मेरे निप्पल को हल्के-हल्के मसलने लगे।अब मेरी हालत खराब होने लगी और मेरे अंदर भी वासना की लहर दौड़ गई।
मेरी चूत में भी हलचल पैदा होने लगी और शरीर में गर्मी आ गई।काफी देर तक बॉस मेरे दूध के साथ खेलते रहे और मेरी चूत से पानी निकलता रहा।फिर बॉस ने अपना हाथ मेरे दूध से हटाकर मेरे कूल्हों पर रख दिया और मेरे गाउन को पकड़कर बड़े आहिस्ते-आहिस्ते ऊपर की तरफ करने लगे।उन्हें लग रहा था कि कहीं मैं जाग न जाऊँ।
लेकिन उन्हें क्या पता था कि मैं पहले ही जाग चुकी थी।उन्होंने मेरे गाउन को मेरी जांघ तक उठा दिया और जैसे ही अपना हाथ मेरी जांघ पर रखा मेरे अंदर तक सिहरन दौड़ गई।मेरी गर्म-गर्म जांघ को बॉस सहलाने लगे और उसके बाद वे गाउन के अंदर हाथ डालकर मेरी पैंटी को टटोलने लगे।जल्द ही बॉस मेरे चूतड़ों को पैंटी के ऊपर से ही सहलाने लगे। और कुछ देर बाद उन्होंने अपना हाथ पैंटी के अंदर डाल दिया और मेरी गांड को हल्के-हल्के सहलाने लगे।मेरी हालत इतनी खराब हो गई थी कि ऐसा लग रहा था कि मैं भी उठकर उनसे लिपट जाऊँ। लेकिन मेरे अंदर उस वक्त वासना के साथ-साथ बहुत डर भरा हुआ था।जल्द ही बॉस की एक उंगली मेरे गांड की दरार के अंदर चली गई और वे उंगली से मेरी गांड के छेद को रगड़ने लगे।मैं बस सोच रही थी कि ‘हे भगवान आज ये सब मेरे साथ क्या हो रहा है!’
आज तक बॉस ने मेरी तरफ कभी भी गंदी निगाह से नहीं देखा लेकिन आज वे ये सब कर रहे हैं।जल्द ही ये सब जैसे शुरू हुआ था वैसे ही खत्म हो गया और बॉस अपने हाथों से अपने लंड को हिलाने लगे। कुछ ही देर में वे शांत हो गए और पलटकर सो गए।बॉस तो शांत हो गए लेकिन मेरे अंदर की गर्मी अभी भी बरकरार थी। कुछ देर बाद मुझे भी नींद आ गई और मैं भी सो गई।सुबह उठकर हम दोनों तैयार हुए और मीटिंग के लिए निकल गए।दिन भर हम दोनों साथ में थे लेकिन बॉस के चेहरे से ऐसा नहीं लग रहा था जैसे रात में कुछ हुआ था।
उन्हें अभी भी लग रहा था कि मुझे कुछ पता नहीं है।दिन भर मीटिंग में रहने के बाद शाम को 6 बजे हम लोग वापस होटल आए और फ्रेश होने के बाद बॉस ने चाय ऑर्डर की।हम दोनों चाय पी ही रहे थे कि होटल का मैनेजर कमरे में आया और बॉस से बोला— सर, हमारे यहाँ और कमरे खाली हो चुके हैं। आपको कल दो कमरों की जरूरत थी। अगर आप चाहें तो मैडम के लिए अलग कमरा मिल सकता है।
उसकी बात सुनकर बॉस बोले— नहीं, कोई दिक्कत नहीं है। हम लोगों को कल बस और रहना है हम एडजस्ट कर लेंगे।बॉस की बात सुनकर मेरे मन में कल रात वाली बात आ गई और मैं सोचने लगी कि कहीं आज भी बॉस वही सब तो नहीं करेंगे?चाय पीने के बाद बॉस मुझसे बोले— तुम रूम में ही रहना, मैं एक जरूरी काम करके आता हूँ।बॉस चले गए और करीब एक घण्टे बाद आए।
मैंने देखा कि उनके हाथ में एक पॉलीथिन थी और उसके अंदर कुछ था।उन्होंने वो पॉलीथिन टेबल पर रखी और बाथरूम चले गए।मैं तुरंत उठी और उस पॉलीथिन में देखा तो उसमें एक वाइन की बोतल थी।मैं जानती थी कि उन्हें रोज पीने की आदत है इसलिए मैंने चुपचाप उसे रख दिया और वापस बिस्तर पर बैठ गई।रात करीब 8 बजे बॉस ने खाने के लिए दो प्लेट रोस्ट चिकन ऑर्डर किया और कुछ ही देर में उनका रोस्ट चिकन आ गया।उसके बाद उन्होंने वेटर को खाने का भी ऑर्डर दे दिया कि 9 बजे के बाद खाना ले आना।
वेटर ने हामी भरी और चला गया।खाने का ऑर्डर देने के बाद बॉस ने टेबल पर वाइन निकालकर रखी। वे हल्के-हल्के पैग बनाते हुए पी रहे थे और मैं अपने मोबाइल फोन में बिजी थी।तभी बॉस ने मुझे कहा— कामिनी, आओ मेरा साथ दो। अकेले पीने में मजा नहीं आ रहा है।
मैं— नहीं सर, मैं नहीं पीती।बॉस— अरे नहीं पीती तो क्या हुआ। साथ बैठ तो सकती हो। वैसे भी जिंदगी में सब कुछ पहली बार तो होता ही है। एक-दो पैग पी लोगी तो कोई दिक्कत नहीं होगी, तुम्हारी दिनभर की थकान दूर हो जाएगी।
मैं— सर, मैं आपके साथ बैठ जाती हूँ लेकिन पिऊंगी नहीं।तब मैं उठी और उनके बगल में बैठ गई।बॉस ने इस बार अपने साथ-साथ मेरे लिए भी पैग बना दिया और बोले— एक बार पीकर देखो। कुछ नहीं होगा, पता भी नहीं चलेगा। अगर अच्छा न लगे तो मत पीना। वैसे भी ये वाइन है, शराब नहीं है।मैं हल्के हाथों से ग्लास उठाई और चखकर देखी।मुझे तो वो बिल्कुल सॉफ्टड्रिंक की तरह ही लगी; मैं धीरे-धीरे करते हुए पूरा ग्लास पी गई।
इसके बाद दूसरा और फिर तीसरा भी पैग पी गई।जल्द ही मेरी आँखें बंद होनी शुरू हो गईं, ऐसा लगने लगा जैसे मैं हवा में उड़ रही थी।अभी भी आधी बोतल वाइन बची हुई थी।
तभी वेटर खाना लेकर आ गया।हम दोनों साथ में ही खाना खाने लगे और साथ में बीच-बीच में बॉस वाइन का पैग बनाते रहे।खाना खाने के बाद हम दोनों ही काफी नशे में थे।
मुझसे तो चलते भी नहीं बन रहा था और पूरा कमरा घूम रहा था।जैसे ही मैं उठी… मैं लड़खड़ा गई तब तुरंत ही बॉस ने मुझे थाम लिया और मुझे बिस्तर पर बैठा दिया।बॉस बोले— आज तो तुमने जमकर मेरा साथ दिया। तुम तो बड़ी दिलेर लड़की निकली।मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था… मैं अपनी ही मस्ती में थी। अब बॉस ने कहा— चलो अब सोते हैं, तुम्हें ज्यादा चढ़ गई है।बॉस ने दोनों हाथ से मुझे पकड़ा और बिस्तर पर लेटा दिया और मेरे बगल में लेट गए। बॉस मेरी तरफ देखकर बोले— कामिनी, तुम आज बहुत सुंदर लग रही हो।इतना बोलते हुए बॉस मेरे चेहरे पर झुक गए और बोले— आज तो तुम्हारी पप्पी लेने का मन कर रहा है।उनकी बात सुनकर मेरे चेहरे पर हंसी आ गई।
मेरी हंसी देख बॉस को जैसे मेरी इजाजत मिल गई थी… वे तुरंत मेरे गालों को चूमने लगे।मैं— नहीं सर… मत करिए… रुकिए।लेकिन बॉस अब रुकने का नाम नहीं ले रहे थे और जल्द ही मेरे होंठों को अपने होंठों से चूमने लगे।
मैं थोड़ा सा ही विरोध कर पाई थी कि उन्होंने मेरे दूध को सहलाना भी शुरू कर दिया।जल्द ही मेरे नशे और वासना ने मुझे झुका दिया और मैं भी उनका साथ देने लगी।मेरी इजाजत पाकर तुरंत ही बॉस ने अपने कपड़ों के साथ-साथ मेरी गाउन को भी निकाल दिया।
मैं अब ब्रा-पैंटी में थी और वे केवल चड्डी में थे।बॉस अब मेरे ऊपर टूट पड़े और मेरे बदन पर चुम्बनों की झड़ी लगा दी।वे मेरे गोरे बदन को चाट-चाट कर चूम रहे थे और मैं मस्ती से भर गई थी।
मेरी टांगें अपने आप ही फैल गईं और बॉस मेरी दोनों टांगों के बीच में थे और मेरे दूध को ब्रा के ऊपर से ही बुरी तरह से चूम रहे थे।जल्द ही उन्होंने मेरी ब्रा को निकाल दिया और मेरे दोनों दूध उछलकर उनके सामने आ गए।दोनों हाथों से मेरे दोनों दूध को मसलते हुए वे मेरे निप्पलों को बुरी तरह से चूस रहे थे।मैं ‘आआह… आआह… हऊऊ… ऊऊऊ… ऊईई… आह… आ… हआआ… ऊच… आआह… बससस्स करिए… आआह’ करती रही।बॉस लगातार मेरे स्तन को चूस रहे थे।
मेरे अंदर गर्मी भर गई थी, मैं भी जोर-जोर से ‘आआह… आआह… हआ… आऊच… आआह’ करती हुई उनका साथ दे रही थी।जल्द ही बॉस नीचे की तरफ गए और मेरी पैंटी निकालकर मुझे पूरी तरह से नंगी कर दिया। मेरी चूत को देखकर बॉस बोले— वाह क्या मस्त चूत है तुम्हारी!और इतना बोलते हुए वे मेरी चूत पर झुक गए और अपनी जीभ घुमा-घुमा कर बुरी तरह से चाटने लगे।दोनों हाथों से मेरी चूत को फैलाकर अपनी जीभ को अंदर तक डालने लगे।मैंने अपनी गांड हवा में उठा ली।
“ऊऊईई… मम्मीईई… ईईई… ईईईई… आआह… आआह… ऊऊईईई… आआह!” करती हुई मैं मजा ले रही थी।काफी देर तक बॉस मेरी चूत को चाटते रहे और फिर अपनी चड्डी भी निकाल दी।उनका लंबा मोटा सा काला लंड अब मेरे सामने था।मैंने पहले अपने बॉयफ्रेंड के साथ चुदाई की थी लेकिन ये बॉस का लंड उससे काफी बड़ा और मजबूत था।बॉस ने अपने लंड को आगे-पीछे करते हुए लंड के सुपारे को बाहर निकाला।अब बॉस मेरे ऊपर आ गए और मेरे निप्पलों को चूसते हुए अपने लंड को मेरी चूत में घिसने लगे।मैंने भी अपनी दोनों टांगें फैला दीं और बॉस को अपनी जांघों के बीच में ले लिया।बॉस ने लंड घिसते हुए सुपारे को मेरी चूत के छेद में सेट किया और दोनों हाथों से मेरी जांघें जकड़ लीं।उन्होंने एक धक्का लगाया और लंड चूत को फैलाता हुआ आधा अंदर चला गया।बॉस का मोटा लंड जैसे ही अंदर गया मेरे मुँह से निकला— ऊऊईई… ई… माआआआ… आआ… आआ… आह… आआऊच!जल्द ही बॉस ने दूसरा धक्का भी लगा दिया और लंड मेरी चूत की गहराई तक उतर गया।
“आआ… आह… मम्मीईई… ईईई… ईई… आआह!”अब बॉस ने मेरी दोनों टांगों को हवा में उठा लिया और फक-फक करते हुए मेरी चुदाई शुरू कर दी।गप-गप करते हुए उनका लंड मेरी चूत में अंदर-बाहर हो रहा था और मैं आँखें बंद किये हुए चुदाई का मजा ले रही थी।बॉस की रफ्तार तेजी पकड़ रही थी और मेरी शिष्कारी भी तेज होती जा रही थी— आआह… आह… ऊऊऊ… ऊऊईईई… आआ… हओ… ओह… आआह… बससस्स… आह… आआह… मम्मीईईई… आआ… हआ… आह… ऊऊईई… आआह!मेरी चूत से बहुत पानी निकल रहा था और जल्द ही मेरी चूत से फच्च-फच्च की आवाज से पूरा कमरा गूंज उठा।मैंने बॉस की कमर को कसकर पकड़ लिया और अपनी तरफ खींचने लगी।
बॉस भी मेरे इशारे को समझ गए और अपनी रफ्तार तेज कर दी।जल्द ही बॉस अपनी पूरी रफ्तार से मुझे चोद रहे थे और मैं जैसे हवा में उड़ रही थी।मैं इतनी ज्यादा जोश में आ गई थी कि अपने दोनों दूध को खुद ही जोर-जोर से मसलने लगी— ऊऊऊ… ऊऊ… ऊऊ… ऊआआ… आआ… आह… आह… ऊऊईईई… आआह!जल्द ही मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया और मैं झड़ गई।
लेकिन बॉस अभी भी लगातार मुझे चोद रहे थे।करीब पांच मिनट और चोदने के बाद बॉस भी मेरे अंदर ही झड़ गए और मेरे ऊपर लेट गए।जब बॉस मेरे ऊपर से उठे तो मैंने अपनी चड्डी उठाई और बाथरूम जाने लगी।तभी मैंने देखा कि बिस्तर पर बहुत सारा झाग गिरा हुआ था।
और तभी मैंने अपनी चूत देखी जहाँ पर चारों तरफ झाग ही झाग लगा हुआ था।अब आप समझ सकते हैं कि बॉस ने मुझे किस रफ्तार से चोदा था कि मेरी चूत का पानी झाग बन गया था।मैं बाथरूम गई।
वहाँ मैंने अपनी चूत साफ की और पेशाब करने के बाद वापस आकर बिस्तर पर लेट गई।मैं पैंटी में लेटी हुई थी लेकिन बॉस अभी भी बिल्कुल नंगे लेटे हुए थे।उनका लंड अब शांत होकर ढीला पड़ चुका था और वे आँख बंद किये हुए लेटे हुए थे।कुछ देर बाद बॉस ने मुझे फिर से अपनी बाहों में ले लिया और एक बार फिर से मुझे नंगी कर दिया।इस बार बॉस ने मुझे अपने ऊपर ले लिया और अपने लंड को मेरे हाथ में दे दिया।
मैं बॉस के ऊपर लेटे हुए ही उनके लंड को सहलाते हुए हिलाने लगी।मैं उनके सीने को चूमते हुए नीचे उनके लंड तक जा पहुँची और उनके लंड को चूमने लगी।उनके लंड की मादक खुशबू से मैं और जोश में आ गई और उनके लंड को मुँह में ले लिया।मैं लंड को कुल्फी की तरह चूसने लगी और बॉस मेरे सर को पकड़कर ऊपर-नीचे करने लगे।जल्द ही लंड का सुपारा बाहर निकल आया और मैं सुपारे में अपनी जीभ चलाते हुए लंड चूसने लगी।जल्द ही बॉस का लंड अपना पूरा आकार ले चुका था और फनफनाकर खड़ा हो गया था।मैं लगातार लंड को चूस रही थी और बॉस मजा ले रहे थे।जल्द ही बॉस ने मुझे रोका और मुझे बिस्तर पर घोड़ी बना दिया।मैं घुटनों के बल होकर घोड़ी बनी हुई थी और बॉस ने मेरी कमर को पकड़कर एक बार में लंड अंदर डाल दिया।
इससे मैं आआह करके रह गई। मुझे लगा था कि बॉस आराम से डालेंगे लेकिन उन्होंने एक बार में ही लंड पेल दिया था।उन्होंने मेरी कमर को कसकर पकड़ लिया और धक्के लगाना शुरू कर दिया।उनके जोरदार धक्के मेरी चूतड़ पर फट-फट करके पड़ रहे थे… उनका लंड तेजी से अंदर-बाहर हो रहा था।मेरे दोनों दूध नीचे झूल रहे थे और तेजी से हिल रहे थे।मैं ‘आआह… आआह’ करती हुई चुदाई का मजा ले रही थी और बॉस भी अपनी पूरी रफ्तार से मुझे चोद रहे थे।
काफी देर तक उन्होंने मुझे घोड़ी बनाकर चोदा और फिर बिस्तर से बाहर लाकर मुझे खड़ी कर दिया और सामने से आकर मेरी चूत में लंड डाल दिया।अब उन्होंने मुझे अपने सीने से चिपका लिया और हम दोनों खड़े-खड़े ही चुदाई का मजा लेने लगे।इस पोजीशन में मैं पहली बार चुद रही थी और मुझे बहुत मजा आ रहा था।मैं ज्यादा देर टिक नहीं पाई और झड़ गई।
लेकिन बॉस लगातार मेरी चुदाई किये जा रहे थे और मेरी चूत का पानी मेरी जांघ से होता हुआ नीचे गिरने लगा।जल्द ही बॉस ने भी अपना पानी मेरी चूत में डाल दिया और एक बार फिर से हम लोग थककर बिस्तर पर लेट गए।
इसके बाद उस रात एक बार और हम दोनों ने चुदाई की और फिर सो गए।उस रात के बाद से मेरे और बॉस के बीच एक नये रिश्ते की शुरुआत हुई थी।
जितने दिन भी हम दोनों वहाँ रुके थे, बॉस ने मेरी जमकर चुदाई की।इसके बाद जब भी हम दोनों को चुदाई करनी होती है तो बॉस होटल बुक कर लेते हैं और हम दोनों रात भर होटल में चुदाई का मजा लेते हैं।
हम दोनों का ये रिश्ता अभी तक किसी को पता नहीं है।बॉस भले ही इतने बड़े हैं लेकिन चुदाई के मामले में वो किसी भी हट्टे-कट्टे नौजवान पर भारी पड़ सकते हैं।उनके पास चुदाई का काफी अनुभव है और उस अनुभव के कारण ही मैं उनकी चुदाई की दीवानी हो गई हूँ।ऐसा कभी नहीं हुआ जब उन्होंने मुझे पूरी तरह से संतुष्ट नहीं किया हो।